पालक



पालक खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान 

हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों में आपने कभी न कभी पालक का स्वाद जरूर चखा होगा। भारत में पालक का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है। इसे हिंदी में पालक, अंग्रेजी में स्पिनच  के नाम से जाना जाता है। पालक का वैज्ञानिक नाम स्पिनासिया ओलेरेसिया  है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको पालक खाने के फायदे, पालक का उपयोग और पालक के नुकसान के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में कई प्रकार से कार्य कर सकता है।

आइए अब सबसे पहले यह जानते हैं कि पालक कितने प्रकार के होते हैं।

विषय सूची

पालक कितने प्रकार के होते है? 
पालक के फायदे ?
सेहत/स्वास्थ्य के लिए पालक खाने के फायदे ?
त्वचा के लिए पालक के फायदे?
बालों के लिए पालक के फायदे?
क्या है पालक के पौष्टिक तत्व? 
पालक खाने का सही समय और सही तरीका?
पालक का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखे?
पालक के नुकसान?
पालक किन किन लोगों को नहीं खाना चाहिए?
पालक कितने प्रकार के होते है?


पालक को गुणों के आधार पर मुख्य रूप से तीन प्रकार में बांटा गया है। जो इस निम्नलिखित हैं।

1.सेवॉय पालक
2.सेमी-सेवॉय पालक
3.स्मूथ-लीफ पालक

1.सेवॉय पालक = यह पालक की एक खास किस्म है, जिसके पत्ते सिकुड़े हुए और गाढ़े हरे रंग के होते हैं। सेवॉय पालक की एक प्रजाती ब्लूम्सडेल पालक नाम से जानी जाती है। पालक का यह प्रकार खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है।

2.सेमी-सेवॉय पालक = पालक की यह प्रजाति भी काफी लोकप्रिय है। सेवॉय पालक की तुलना में इसकी पत्तियां कम सिकुड़ी हुई होती हैं। इसको घर में भी उगाया जा सकता है। इस पालक को पौष्टिक गुणों से भरपूर माना जाता है।

3.स्मूथ-लीफ पालक = इसकी पत्तियां सेवॉय पालक और सेमी-सेवॉय पालक की तुलना में ज्यादा चौड़ी और स्मूथ होती हैं। ये पालक आसानी से धुल जाते हैं। इसे बाजार में खुले तौर पर और थैलियों में बेचा जाता है।

पालक के प्रकार जानने के बाद आइए अब जानते हैं कि पालक के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।


आइए सबसे पहले हम बात करते हैं कि सेहत लिए पालक कैसे फायदेमंद साबित हो सकता है।

1.वजन घटाने में  = अगर आप भी बढ़े हुए वजन से परेशान हैं, तो पालक का सेवन वजन घटाने में मदद कर सकता है। ऐसा इसलिए संभव हो सकता है, क्योंकि पालक में वजन घटाने संबंधित गुण पाए जाते हैं। दरअसल, वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप कैलोरी की कम मात्रा का सेवन करें। पालक एक कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ है, जिसे आहार में शामिल कर आप अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं । एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि पालक का सेवन स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए भी किया जा सकता है।

2. कैंसर में = कैंसर के लिए भी पालक का प्रयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, पालक बीटा कैरोटीन और  विटामिन-सी से समृद्ध होता है और ये दोनों पोषक तत्व विकसित हो रही कैंसर कोशिकाओं से सुरक्षा प्रदान कर सकते है। इसके अतिरिक्त ये एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह फ्री-रेडिकल्स और कार्सिनोजन (Carcinogens – एक पदार्थ जिससे कैंसर हो सकता है) को भी रोक सकते हैं (3)।

3. आंखों के स्वास्थ्य के लिए = आंखों की समस्या से बचे रहने के लिए भी आपको पालक के फायदे लाभ पहुंचा सकते हैं। दरअसल,  आंखों की दृष्टि को स्वस्थ रखने के लिए गहरे हरे रंग के पत्तेदार साग का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जिनमें से एक पालक भी है। पालक में विटामिन-ए और विटामिन-सी पाया जाता है, जो मुख्य रूप से आंखों में होने वाले मैक्यूलर डीजेनरेशन नेत्र रोग के खतरे को कम कर सकता है।इसके अलावा, पालक में ल्यूटिन और जियाजैंथिन नामक यौगिक पाए जाते हैं। ल्यूटिन और जियाजैंथिन का सेवन एंटीऑक्सिडेंट गुण की तरह कार्य करता है, जो मैक्युला रेटिना का केंद्र बिंदु में पिगमेंट डेनसिटी को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकता है।

4. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए = हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों के निमार्ण से लेकर उनके विकास में मदद करता है और उन्हें मजबूती प्रदान करता है। पालक में कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है, इसलिए हड्डियों के स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए आप पालक को दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं।

5. मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र में =  मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र के लिए
जैसा कि आपको ऊपर भी बताया गया है कि पालक में कैल्शियम की मात्रा पाई जाती और कैल्शियम नर्वस सिस्टम के कार्य को सामान्य रूप से चलने में मदद कर सकता है,मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी पालक के फायदे देखे जा सकते हैं। पालक मस्तिष्क-स्वस्थ के लिए उपयोगी विटामिन-के, ल्यूटिन, फोलेट और बीटा कैरोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। पालक का सेवन  याददास्त शक्ति को मजबूत करने का काम कर सकता है ।

6. हार्ट अटैक के खतरे में = हार्ट अटैक के खतरे से बचे रहने के लिए भी आप पालक का सेवन कर सकते हैं।  पालक नाइट्रेट पोषक तत्व से भरपूर सब्जियों में गिना जाता है, जो स्ट्रोक और हार्ट अटैक की वजह से होने वाली मौत के जोखिम को कम कर सकता है।

7. ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए = पालक खाने के फायदे ब्लड प्रेशर से होने वाले जोखिम को कम कर सकता है। पालक में नाइट्रेट की मात्रा पाई जाती है। नाइट्रेट युक्त पालक ब्लड प्रेशर को कम करने में लाभदायक परिणाम दिखा सकता है। साथ ही साथ यह स्थिति हृदय स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाने के काम आ सकती है।इसके अतिरिक्त, पालक में पेप्सिन एक एंजाइम पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को सुधारने में मदद कर सकता है।
 
8. एनीमिया के खतरे को कम करने में = एनीमिया शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी का सबसे ज्यादा खतरा गर्भावस्था के दौरान देखने को मिलता है। आयरन की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एनीमिया के जोखिम को कम करने के लिए आयरन की भरपूर मात्रा की आवश्यकता होती है, जो पालक के जरिए पूरी की जा सकती है।

9. एंटी-इन्फ्लामेट्री के रूप में = पालक आपके स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए एंटी-इन्फ्लामेट्री के रूप में भी कार्य करता है। दरअसल, एंटी-इन्फ्लामेट्री क्रिया सूजन को कम करने और क्रानिक इन्फ्लेमेशन को ठीक करने का गुण रखती है। इसलिए, पालक को एंटी-इन्फ्लामेट्री आहार के रूप में उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

10. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए = रोग मुक्त रहने के लिए इम्यनिटी का मजबूत रहना बहुत जरूरी है। पालक में विटामिन-ई की मात्रा भरपूर रूप में पाई जाती है और विटामिन-ई रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम कर सकता है।

11. पाचन स्वास्थ्य = गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल पाचन तंत्र से संबंधित होता है। पाचन तंत्र गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट लीवर, अग्न्याशय और पित्ताशय से बना होता है, जो शरीर में भोजन ग्रहण करने से लेकर भोजन को पचाने में मदद करता है। यहां पालक की एक अहम भूमिका देखी जा सकती है, क्योंकि पालक फाइबर से भरपूर होता है। फाइबर मुख्य रूप से खाने को पचाने का कार्य करता है। इसके अलावा, फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट को स्वस्थ रखने के लिए पेट के कैंसर से बचाव कर सकता है और कब्ज जैसे समस्याओं पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है।

12. कैल्सीफिकेशन के इलाज में = कैल्सीफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कैल्शियम शरीर के टिश्यू में जमा होने लगते हैं, जिससे टिश्यू कठोर जाते हैं। यह एक सामान्य या असामान्य प्रक्रिया हो सकती है। यहां पालक की एक अहम भूमिका देखी जा सकती है। पालक आयरन से समृद्ध होता है और आयरन कैल्सीफिकेशन की प्रक्रिया को रोकने का काम कर सकता है।

13. आयरन की कमी को पूरा करने के लिए = आमतौर पर पालक को आयरन की पूर्ति के लिए ही जाना जाता है और जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा हो सकता है। शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए आप पालक का सेवन कर सकते हैं।

14. शरीर को आराम पहुंचाता है = दिन-भर काम करने के बाद अगर आपको थकावट महसूस होती है, तो निश्चिंत रहिए क्योंकि पालक खाने के फायदे में शरीर को आराम पहुंचाना भी शामिल है। पालक में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है (14)। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार कैल्शियम का सेवन करने से शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

15. गर्भावस्था में पालक के फायदे = गर्भावस्था में मां को एक स्वस्थ आहार की आवश्यकता होती है और स्वस्थ खान-पान की लिस्ट में पालक को भी शामिल किया जा सकता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान मां को फोलेट पोषक तत्व की आवश्यकता होती है, जो बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष बच्चे में होने वाला जन्मदोष के खतरे को कम कर सकता है। फोलेट की पर्याप्त मात्रा की पूर्ति के लिए पालक का सेवन किया जा सकता है।इसके अतिरिक्त, गर्भावस्था में मां को एनीमिया से बचने के लिए आयरन, ब्रेस्टफीडिंग और शिशु के लिए कैल्शियम, और कब्ज से राहत पाने के लिए फाइबर जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ये पोषक तत्व पालक में पाए जाते हैं और पालक के सेवन के जरिए इन पोषक तत्वों की जरुरत को पूरा किया जा सकता है।

16. मांशपेशियों को स्वस्थ बनाने के लिए = पालक शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं क्योंकि पालक में आयरन की मात्रा पाई जाती। विशेषज्ञों के द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि पालक में मौजूद आयरन मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है।


आइए अब जानते हैं त्वचा के लिए पालक के फायदे

1. आंखों के नीचे मौजूद काले घेरे के लिए = पालक आयरन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और इसका सेवन पेरिओरिबिटल हाइपरपिग्मेंटेशन आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे की एक स्थिति की समस्या में लाभ पहुंचा सकता है। पेरिओरिबिटल हाइपरपिग्मेंटेशन आयरन की कमी से हो सकता है। जबकि पालक के सेवन के जरिए आयरन की पूर्ति की जा सकती है, जिससे आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे की समस्या में आराम मिल सकता है। पालक को खाने के साथ-साथ आप इसके रस को नीचे बताए जा रहे तरीके से इस्तेमाल भी कर सकते हैं-

सामाग्री
एक कटोरी
पालक के रस की 2 से 4 बूंद
मुलायम रुई का एक टुकड़ा
कैसे करें इस्तेमाल
सबसे पहले एक कटोरी में पालक के रस की बूंदें डालें।
अब पालक के रस को रुई की मदद से प्रभावित जगह पर लगाएं।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहरा सकते हैं।
2. त्वचा को हाइड्रेट रखने में
आपकी त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए भी आप पालक का इस्तेमाल कर सकते हैं। पालक में विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है। विटामिन-सी में ऐसे गुण मौजूद होते हैं ,जो त्वचा के हाइड्रेशन को सुधारने में मदद कर सकते हैं।

सामाग्री
2 कप कटा हुआ पालक
कैसे करें इस्तेमाल
कटे हुए पालक का पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को त्वचा पर लगाएं।
अब 5 मिनट बाद इसे धो लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में 2 बार दोहराया जा सकता है।
3. एंटी एजिंग लाभ
सूरज की हानिकारक यूवी किरणों की वजह से स्किन-एजिंग का जोखिम बढ़ सकता है। यहां पालक में मौजूद एमिनो एसिड स्किन एजिंग की समस्या में राहत दिला सकता है।

सामाग्री
1/2 कप कटे हुए पालक
नींबू रस एक छोटा चम्मच
शहद एक छोटा चम्मच
एक छोटा चम्मच जैतून का तेल
 कैसे करें इस्तेमाल
सबसे पहले पालक का पेस्ट बना लें।
अब इसे एक कटोरी में रख लें।
अब इसमें नींबू रस, शहद और जैतून का तेल मिला लें।
त्वचा को पानी से धो लें और तौलिए से पानी को पोंछ लें।
अब त्वचा पर पालक के मिश्रण को लगाएं।
अंत में 15-20 मिनट के बाद इसे धुल लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार अपना सकते हैं।
4. त्वचा रंग में सुधार करने के लिए
स्किन-पिगमेंट डिसऑर्डर के कारण त्वचा के रंग पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। पालक में मौजूद विटामिन-सी एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो एक एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है और स्किन टोन त्वचा रंग को सुधारने में मदद कर सकता है।

सामाग्री
1 कप कटा हुआ पालक
3-4 बूंद शहद
एक प्लेट
एक साफ तौलिया
कैसे करें इस्तेमाल
कटे हुए पालक को बारीक पीस लें।
अब चेहरे की त्वचा को पानी से धो लें।
अब चेहरे को तौलिया से साफ कर लें।
पालक के पेस्ट को चेहरे पर लगाएं।
अब इसे पांच मिनट तक लगा रहने दें।
अब साफ पानी से चेहरा धो लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में 2 बार अपनाया जा सकता है।
5. मुहांसों को ठीक करने के लिए
मुहांसों की समस्या से अगर आप परेशान हैं, तो निश्चिंत रहिए क्योंकि पालक में मौजूद पोषक तत्व इस समस्या को ठीक करने के काम आ सकते हैं। दरअसल, विटामिन-सी की कमी से मुहांसों की समस्या बढ़ सकती है। वहीं पालक में विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसलिए, पालक का सेवन करके विटामिन-सी की कमी से होने वाली मुहांसों की समस्या को दूर किया जा सकता है।

6. सन प्रोटेक्शन के लिए
सन प्रोटेक्शन के लिए भी पालक का उपयोग किया जा सकता है। यहां पर एक बार फिर से पालक में पाई जाने वाले विटामिन-सी का जिक्र होगा। विटामिन-सी मुख्य रूप से त्वचा के लिए प्रभावी माना जाता है क्योंकि विटामिन-सी स्किन टेक्सचर को सुधारता है और एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में सूर्य की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करता है।

सामाग्री
2 कप कटा हुआ पालक
एक प्लेट
कैसे करें इस्तेमाल
पालक को पानी से धो लें और इसे एक प्लेट में रख लें।
अब इस कटे हुए पालक का पेस्ट बना लें।
पालक के पेस्ट को अब अपनी त्वचा पर लगाएं।
अब इसे 10 मिनट के बाद धो लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में 1 बार दोहरा सकते हैं।
7. फ्री रेडिकल डैमेज से बचाने के लिए
फ्री रेडिकल डैमेज एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें ऑक्सीडेशन की क्रिया के द्वारा त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। हालांकि, फ्री रेडिकल डैमेज से बचने के लिए पालक का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, पालक में मौजूद विटामिन-सी त्वचा को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाने का काम कर सकता है। पालक को आहार रूप में शामिल करके विटामिन-सी की पूर्ति की जा सकती है। इसके अलावा, आप नीचे बताए जा रहे पालक फेस पैक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

सामाग्री
1 कप कटा हुआ पालक
1/2 छोटा चम्मच नींबू का रस
कैसे करें इस्तेमाल
सबसे पहले पालक को बारीक पीस लें और इसका पेस्ट बना लें।
अब एक कटोरी में इस पेस्ट को रख लें।
अब इसमें नींबू के रस को अच्छी तरह मिला लें।
अब इस पेस्ट को फेस पैक की तरह लगाएं।
इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें फिर इसे पानी से धो लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में 2 बार दोहरा सकते हैं।
आइए अब लेख के अगले भाग जानते हैं कि बालों के पालक कैसे फायदा पहुंचा सकता है।


बालों के पालक के फायदे कुछ इस प्रकार हैं।

1. बालों के विकास के लिए = बालों के विकास के लिए मिनरल मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। पालक में बालों के उपयोगी कई मिनरल की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। पालक में जिंक, मैग्नीशियम और आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है और एक वैज्ञानिक शोध में यह बताया गया है कि यह मिनरल बालों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सामग्री
कटे हुए पालक 1 कप
4-5 बूंद सरसों का तेल
एक कटोरी
कैसे करें इस्तेमाल
कटे हुए पालक को पीसकर रस निकाल लें।
अब इसमें सरसों तेल मिला लें।
अब इसे हल्के हाथों बालों में लगाएं।
इसे करीब आधे घंटे तक बालों में लगाए रखें।
फिर बालों को धो लें।
इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहरा सकते हैं।
2. बालों को झड़ने से रोकता है
बालों को झड़ने से रोकने के लिए भी पालक के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, जिंक की कमी बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण हो सकती है। पालक में जिंक और मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। आप पालक को खाने में इस्तेमाल करके जिंक और मैग्नीशियम की पूर्ति कर सकते हैं, जिससे बालों का झड़ना रुक सकता है।

ऊपर आपको पालक के फायदे के बारे में जानकारी दी गई और अब आपको पालक में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताया जा रहा है।

क्या है पालक के पौष्टिक तत्व?
पालक में मौजूद पोषक तत्वों को नीचे दी गई तालिका के जरिए बताया जा रहा है |

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 91.40g
एनर्जी 23 kcal
प्रोटीन 2.86 g
कुल लिपिड (वसा) 0.39 g
कार्बोहाइड्रेट 3.63 g
फाइबर, कुल डाइटरी 2.2g
शुगर, कुल 0.42 g
मिनरल
 कैल्शियम 99mg
आयरन 2.71 mg
मैग्नीशियम 79 mg
फास्फोरस 49mg
पोटेशियम 558mg
सोडियम 79mg
जिंक 0.53mg
विटामिन
विटामिन सी, कुल एस्कॉर्बिक एसिड 28.1 mg
थायमिन 0.078 mg
राइबोफ्लेविन 0.189 mg
नियासिन 0.724 mg
विटामिन बी-6 0.195 mg
फोलेट, डीएफई 194μg
विटामिन बी-12 0.00μg
विटामिन ए, आरएई 469μg
विटामिन ए, आईयू 9377IU
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल) 2.03mg
विटामिन डी (डी2+डी3) 0.0 μg
विटामिन डी 0 IU
विटामिन के, (फिलोक्यूनोन-phylloquinone) 482.9μg
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 0.063g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 0.010 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 0.165g
फैटी एसिड, टोटल ट्रांस 0.000g
कोलेस्ट्रॉल 0 mg
कैफीन 0mg


आपको पालक खाने का सही समय और सही तरीका बताया जा रहा है।


पालक को आप सब्जी के रूप में खा सकते हैं।
हरी सलाद में पालक का प्रयोग किया जा सकता है।
पालक को आप जूस बनाकर पी सकते हैं।
पालक को आप दाल के साथ पका कर खा सकते हैं।
पालक का इस्तेमाल पराठे में किया जा सकता है।
पालक को आप पनीर के साथ सब्जी बनाकर खा सकते हैं।
पालक खाने का सही समय
पालक के जूस के फायदे देखते हुए इसके जूस का सेवन सुबह किया जा सकता है।
आप रात में सब्जी के रूप में पालक को खा सकते हैं।
हरी सलाद के रूप में पालक का सेवन किया जा सकता है।
पालक खाने की मात्रा
एक दिन में 1/2 कप उबला हुआ पालक या 1 कप हरे पालक का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, पालक की सही मात्रा के सेवन के लिए एक बार आहार विशेषज्ञ से अवश्य सलाह लें।

लेख के इस भाग में आपको बताया जाएगा कि पालक का चयन कैसे करें और लम्बे समय तक कैसे सुरक्षित रखें।

पालक का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखे?
चयन कैसे करें
पालक का चयन करते समय इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है –

पालक का चयन करते समय यह ध्यान दें कि पालक का रंग प्राकृतिक रूप से हरा होना चाहिए।
अगर इसमें किसी प्रकार की दुर्गंध आ रही है, तो इसे न खरीदें।
पालक का चयन करते समय यह देख लें कि इसमें धूल-मिट्टी न लगी हो।
हमेशा ताजी पत्तियों वाले पालक का ही चयन करें।
सुरक्षित कैसे रखें
पालक को फ्रिज में 3 से 5 दिनों के लिए एक एयरटाइट बैग में खोलकर रखा जाना चाहिए। रसोई-घर में आप इसे टोकरी में खोलकर भी रख सकते हैं। इसकी ताजगी बनाए रखने के लिए इसे गीले कपड़े में लपेटकर भी रखा जा सकता है।


आइए अब जानते हैं कि पालक के नुकसान क्या-क्या हो सकते है?

पालक खाने के फायदे और नुकसान दोनों ही है। पालक खाने से लाभ जानने के बाद आइये जानते है इसके नुकसानों के बारेमें = पालक में कैल्शियम की मात्रा पर्याप्त होती है और कैल्शियम का अधिक सेवन हृदय रोग का कारण बन सकता है।इसमें फाइबर की मात्रा होती है, जिसके अधिक सेवन से आपको पेट फूलने, सूजन और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है।पालक में मौजूद बीटा-कैरोटीन फलों और सब्जियों में पाया जाने वाला विटामिन-ए का एक रूप से धूम्रपान करने वाले लोगों में कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।पालक में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है और पोटेशियम की अधिक मात्रा उल्टी, डायरिया का कारण बन सकती है। 


पालक नीचे बताए जा रहे लोगों को नहीं खाना चाहिए = पालक में बीटा-कैरोटीन ( विटामिन-ए का एक रूप) की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जो स्मोकिंग करने वाले लोगों में कैंसर होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए धूम्रपान करने वाले लोगों को पालक के सेवन से बचना चाहिए।गर्भवती महिलाओं को पालक का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें विटामिन-ए पाया जाता है जिसकी अधिक मात्रा से शिशु में बर्थ डिफॉर्मिटी जन्म दोष का खतरा उत्पन्न कर सकता है।


इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह तो जरूर समझ गए होंगे कि पालक का सेवन आपको कितना स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है। पालक जूस के फायदे से लेकर पालक के सेवन से जुड़ी सावधानियों के बारे में भी ध्यान देने की जरुरत है। पालक के सेवन से अगर आप लेख में बताए गए किसी भी दुष्प्रभाव का सामना करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, पालक खाने के फायदे और नुकसान से जुड़ी अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए आप अपनी बात नीचे दिए गए कॉमेंट बॉक्स के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। हम डॉक्टरी परामर्श के अनुसार आपको सही जानकारी देने की पूरी की कोशिश करेंगे।



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